येतिमिरअबछटरहाहै,दिनकीआहटदिखरहीहै
ज़िन्दगीमेंरोशनीकीहरसजावटदिखरहीहै
चाहनेवालेहमेशासामनेसेबोलतेहैं,
येमुझेअपनोंकीकैसीबड़बड़ाहटदिखरहीहै
शौक़थाहमकोकभीहमभीउड़ेंआकाशमेंयूँँ,
आजभीपंखोंमेंअपनीफड़फड़ाहटदिखरहीहै
आठबर्फीजारहीहैदोअतिथियोंकेलिएअब,
छोड़दीभेली,हमारीसबबनावटदिखरहीहै
बेचकरकेख़्वाबसारेघरकिराएकालियाथा,
आजसपनोंकेमहलकीजगमगाहटदिखरहीहै