tohmato se zulm se na tum rulaakar chhodna | तोहमतों से, ज़ुल्म से, ना तुम रुलाकर छोड़ना

  - maqbul alam
तोहमतोंसे,ज़ुल्मसे,नातुमरुलाकरछोड़ना
मुझकोगरहोछोड़ना,बसमुस्कुराकरछोड़नाा
एकपलनादूरहोंगेतेरीनज़रोंसेहमकभी
यादआताहैतेरावा'दानिभाकरछोड़ना
होजाएगाईदजैसाअपनेकूचेकामाहौल
छतपेआकेइकदफापर्दाउठाकरछोड़ना
तुमसेेजन्नतमुँहफेरे,करलोहकमेंअपनेअभी
रूठीमांकोतुमसभीअपनेमनाकरछोड़ना
बिछड़ेमुद्दतहोगयापर,आदतबदलीमेरीकभी
उँगलियोंसेरेतपरचेहराबनाकरछोड़ना
गरसंभलनेलगजाऊँतो,ऐसेकरनाकाबूमुझे
इकदफातुमयादउसकीमुझकोदिलाकरछोड़ना
ढूंढनालेमुझकोदुनियातेरेपहलूमेंकहीं
अपनीज़ुल्फोंकेतलेमुझकोछुपाकरछोड़ना
जानलेगीमेरीइकदिनउससेेकहदोयेछोड़दे
सुर्ख़लबकेदरमियांउंगलीदबाकरछोड़ना
देखो"आलम"हैअभीतकतस्वीरमेरीमेज़पर
उसकीआदतबदलीनहींदिलसेलगाकरछोड़ना
  - maqbul alam
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