aankhoñ se mohabbat ke ishaare nikal aa.e | आँखों से मोहब्बत के इशारे निकल आए

  - Mansoor Usmani
आँखोंसेमोहब्बतकेइशारेनिकलआए
बरसातकेमौसममेंसितारेनिकलआए
थातुझसेबिछड़जानेकाएहसासमगरअब
जीनेकेलिएऔरसहारेनिकलआए
मैंनेतोयूँँहीज़िक्र-ए-वफ़ाछेड़दियाथा
बे-साख़्ताक्यूँँअश्कतुम्हारेनिकलआए
जबमैंनेसफ़ीनेमेंतिरानामलियाहै
तूफ़ानकीबाहोँसेकिनारेनिकलआए
हमजाँतोबचालातेमगरअपनामुक़द्दर
इसभीड़मेंकुछदोस्तहमारेनिकलआए
जुगनूइन्हेंसमझाथामगरक्याकहूँ'मंसूर'
मुट्ठीकोजोखोलातोशरारेनिकलआए
  - Mansoor Usmani
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy