खोलअपनेहीपरोंकोआसमाँभीपासहै
मंज़िल-ए-मक़सूदपानेकीकहाँवोआसहै
भेदसदियोंसेसुनाहैहमसभीनेख़ासहै
जिसबुलंदीसेजहाँदिखतावहीकैलासहै
वज्हभीथीऔरमक़्सदभीबहुतहीथाबड़ा
सालचौदहजोबिताएथेवहीवनवासहै
प्यारझुकताहीनहींयारोंहमेंहैंयेपता
इश्क़मेंहीझुकजोजाएफिरवहीइख़्लासहै
फ़ासलेभीसबमकानोंमें'मनोहर'क्यूँरहे
छतफटाहैऔरघरटूटादिखेइफ़लासहै