ummeed ne be-rukh kahaan hamko kiya | उम्मीद ने बे-रुख़ कहाँ हमको किया

  - Manohar Shimpi
उम्मीदनेबे-रुख़कहाँहमकोकिया
जबभीदियाहैवोखुलेदिलसेदिया
बिस्मिलहुआवोभीकभीतेरेलिए
उसमुंतज़िरकोकिसलिएधोकादिया
उसनेकहाँबदलासफ़रमेंरुख़तेरा
होनानहींथावोकहाँउसनेकिया
अनजानहीरस्तेमिलेहमसेफ़र
जैसेकहातूनेहीवैसेजिया
मैनेफ़क़तइकहीदफ़ाउससेेकहा
उसनेमेराहरकामफिरदिलसेकिया
शिकवाकभीथाहीनहींयारोंमुझे
अबदोस्तीकेरंगमेंरंगालिया
हमकश्मकशमेंकामहीकरतेरहे
उम्मीदसेज़्यादायहाँहासिलकिया
  - Manohar Shimpi
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