soch ke hi muflisi ko kaun ghar jaata hamesha | सोच के ही मुफ़लिसी को कौन घर जाता हमेशा

  - Manohar Shimpi
सोचकेहीमुफ़लिसीकोकौनघरजाताहमेशा
देखकेआँसूकिसीकेभीबिखरजाताहमेशा
कोईमंज़रदेखकेजबदिलदहलताहैकहींपर
उसजगहसेफिरगुज़रतेहीसिहरजाताहमेशा
ज़िन्दगीक़ायेसफऱआसानहोताहीकहाँहै
रंजअपनोंसेरहेतबफिरठहरजाताहमेशा
वक़्तऐसेक्यूँँठहरतामुफ़लिसीमेंहीकिसीकी
सोचकेहालातपरमैंख़ूबडरजाताहमेशा
वक़्तकेहीसाथचलनाभीमनोहरजानताहूँ
हश्रजबनाकामहोतोफिरकिधरजाताहमेशा
  - Manohar Shimpi
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