hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Manohar Shimpi
dost bhi khoob hain manaane ko
dost bhi khoob hain manaane ko | दोस्त भी ख़ूब हैं मनाने को
- Manohar Shimpi
दोस्त
भी
ख़ूब
हैं
मनाने
को
बैठ
के
साथ
मुस्कुराने
को
हम
सेफ़र
दूर
जब
रहे
तन्हा
हिज्र
होता
है
आज़माने
को
रास्ते
जब
हुए
जुदा
घर
के
कोई
दीवार
ही
हो
ढाने
को
जब
दिल-ओ-दिल
रहे
ख़फ़ा
ही
तब
क्यूँ
जगह
ही
रहे
बहाने
को
महज़
फ़नकार
जब
हुए
रुख़्सत
ख़ामुशी
तब
दिखी
ज़माने
को
- Manohar Shimpi
Download Ghazal Image
बातचीत
में
आला
हो
बस
ठीक
न
हो
फ़ाइदा
क्या
महबूब
अगर
बारीक
न
हो
हम
तेरी
क़ुर्बत
में
अक्सर
सोचते
हैं
दरिया
खेत
के
इतना
भी
नज़दीक
न
हो
Read Full
Khurram Afaq
Send
Download Image
36 Likes
हद
से
ज़्यादा
भी
प्यार
मत
करना
जी
हर
इक
पे
निसार
मत
करना
क्या
ख़बर
किस
जगह
पे
रुक
जाए
साँस
का
एतिबार
मत
करना
Read Full
Qamar Ejaz
Send
Download Image
56 Likes
अपना
रिश्ता
ज़मीं
से
ही
रक्खो
कुछ
नहीं
आसमान
में
रक्खा
Jaun Elia
Send
Download Image
54 Likes
मेरे
दर्द
की
वो
दवा
है
मगर
मेरा
उस
सेे
कोई
भी
रिश्ता
नहीं
मुसलसल
मिलाता
है
मुझ
सेे
नज़र
मैं
कैसे
कहूँ
वो
फ़रिश्ता
नहीं
Read Full
S M Afzal Imam
Send
Download Image
17 Likes
इक
दिए
से
बँध
गई
है
मेरी
साँस
की
रिदम,
इक
लकीर
पर
टिकी
है
मेरी
ज़िंदगी
की
डोर
Aves Sayyad
Send
Download Image
5 Likes
हमारा
ख़ून
का
रिश्ता
है
सरहदों
का
नहीं
हमारे
ख़ून
में
गँगा
भी
चनाब
भी
है
Kanval Ziai
Send
Download Image
32 Likes
निभाया
जिस
सेे
भी
रिश्ता
तो
फिर
हद
में
रहे
हैं
हम
किसी
के
मखमली
तकिए
के
ऊपर
सर
नहीं
रक्खा
Nirbhay Nishchhal
Send
Download Image
8 Likes
खाक
हो
जाएँगे
हम
खाक
में
मिल
कर
तेरी
तुझ
सेे
रिश्ता
न
कभी
अरज़े
वतन
टूटेगा
Hashim Raza Jalalpuri
Send
Download Image
23 Likes
ख़्वाबों
को
आँखों
से
मिन्हा
करती
है
नींद
हमेशा
मुझ
सेे
धोखा
करती
है
उस
लड़की
से
बस
अब
इतना
रिश्ता
है
मिल
जाए
तो
बात
वग़ैरा
करती
है
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
111 Likes
ले
साँस
भी
आहिस्ता
कि
नाज़ुक
है
बहुत
काम
आफ़ाक़
की
इस
कारगह-ए-शीशागरी
का
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
26 Likes
Read More
घनी
ज़ुल्फ़ों
से
तेरे
हो
गई
ये
शाम
अब
कैसे
तुझे
फिर
देख
के
दिन
में
करेंगे
काम
अब
कैसे
Manohar Shimpi
Send
Download Image
2 Likes
माँ
बदौलत
रौशनी
मुझ
को
मिली
इक
नई
ही
ज़िंदगी
मुझ
को
मिली
दूर
साहिल
से
हवा
ऐसे
चली
थी
हवा
जो
मौसमी
मुझ
को
मिली
आरज़ूओं
की
ख़बर
थी
ही
नहीं
कैसे
फिर
भी
तिश्नगी
मुझ
को
मिली
वास्ता
मेरा
नवाबों
से
कहाँ
उस
ज़बाँ
की
चाशनी
मुझ
को
मिली
त्याग
से
वैराग
होता
और
फिर
पैरहन
से
सादगी
मुझ
को
मिली
ज़िंदगी-नामा
'मनोहर'
था
ग़ज़ब
शे'र
पढ़
के
जीवनी
मुझ
को
मिली
Read Full
Manohar Shimpi
Download Image
1 Like
इक
ख़्वाहिश
कर
राज
करेंगे
सबके
दिल
पर
राज
करेंगे
बोला
जो
था
काम
किया
है
अब
हम
घर
घर
राज
करेंगे
यारों
झूठ
नहीं
बोलेंगे
अब
वो
हम
पर
राज
करेंगे
नशा
चढ़े
सर
जब
दौलत
का
फिर
वो
सब
पर
राज
करेंगे
ज़्यादा
ही
अश'आर
पढ़ो
तुम
फिर
पढ़
लिखकर
राज
करेंगे
बदले
की
है
आग
'मनोहर'
क्या
फिर
दिल
पर
राज
करेंगे
Read Full
Manohar Shimpi
Download Image
1 Like
दिल-ओ-दिल
से
सच
में
उसे
जानती
हूँ
वो
क़ाबिल
था
क़ाबिल
है
क़ाबिल
रहेगा
Manohar Shimpi
Send
Download Image
1 Like
जालसाज़ी
से
सियासत
की
दुकाँ
क्या
ख़ाक
चलती
चापलूसी
से
हुकूमत
की
दुकाँ
क्या
ख़ाक
चलती
Manohar Shimpi
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Khuda Shayari
Insaan Shayari
Sazaa Shayari
Maikashi Shayari
Gussa Shayari