dil-kashi bhi dastaras men aur hoti | दिल-कशी भी दस्तरस में और होती

  - Manohar Shimpi
दिल-कशीभीदस्तरसमेंऔरहोती
आरज़ूदिलकीबसमेंऔरहोती
जबदिल-ए-बे-मुद्दआभीऔरहीहो
बातदिलकीहम-नफ़समेंऔरहोती
हरकोईआगेहीबढ़नाचाहताहै
जुस्तुजूभीफिरहवसमेंऔरहोती
इसतरहहीमौसमीबारिशअगरहो
फ़स्लभीअबकेबरसमेंऔरहोती
मुस्कुराहटसेअगरजबआगलगती
तिश्नगीभीख़ूबनसमेंऔरहोती
  - Manohar Shimpi
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