hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Manohar Shimpi
aib hai to gumaan men kya hai
aib hai to gumaan men kya hai | ऐब है तो गुमान में क्या है
- Manohar Shimpi
ऐब
है
तो
गुमान
में
क्या
है
देख
लो
इस
बयान
में
क्या
है
फ़र्क
पड़ता
किसे
त'अल्लुक़
से
सच
कहूँ
ख़ानदान
में
क्या
है
आसमाँ
में
उड़े
परिंदे
जब
तीर
में
क्या
कमान
में
क्या
है
जालसाज़ी
हुई
पता
है
सब
ऐसे
फिर
इम्तिहान
में
क्या
है
जब
दिल-ओ-दिल
से
ख़ुश
कोई
हो
फिर
सातवें
आसमान
में
क्या
है
नींव
जब
झूठ
के
सहारे
हो
होंठ
पर
क्या
ज़बान
में
क्या
है
जैसे
हो
वैसे
ही
रहो
तुम
भी
झूठ
के
आन-बान
में
क्या
है
जब
'मनोहर'
शुऊर
ही
बोले
ज़ेहन
में
और
ध्यान
में
क्या
है
- Manohar Shimpi
Download Ghazal Image
अकेले
चले
हैं
न
रह
पाइएगा
कहीं
बीच
में
फिर
ठहर
जाइएगा
सफ़र
दूर
का
है
कहाँ
हम
सेफ़र
है
इन्हीं
फ़ासलों
से
न
घबराइएगा
अगर
कुछ
कहे
दिल
यही
है
फ़साना
किसी
अजनबी
को
न
समझाइएगा
जिधर
भी
रहो
इस
जहाँ
में
अकेले
लिए
फैसले
पर
न
पछताइएगा
कमी
कोई
हो
तो
'मनोहर'
बताना
न
ही
फिर
इशारे
से
समझाइएगा
Read Full
Manohar Shimpi
Download Image
1 Like
हुस्न
की
तुर्फ़गी
किसे
मिलती
साथ
में
सादगी
किसे
मिलती
Manohar Shimpi
Send
Download Image
1 Like
उस
बात
का
गिला
न
करो
बात
जो
हुई
छोड़ो
उसे
चलो
ना
मुलाक़ात
जो
हुई
Manohar Shimpi
Send
Download Image
2 Likes
नदी
में
दोस्त
सब
मिलके
नहाना
छोड़
आए
हैं
नहाते
तैरते
पानी
उड़ाना
छोड़
आए
हैं
Manohar Shimpi
Send
Download Image
1 Like
रात
को
ही
चराग़
जलते
हैं
चाँद
तारें
तभी
निकलते
हैं
दश्त
में
जब
दरख़्त
जलते
तब
लोग
फिर
आँख
ख़ूब
मलते
हैं
हौसलों
से
भरे
परिंदे
हैं
साथ
उड़ते
हुए
निकलते
हैं
दोस्त
भी
इत्तिफ़ाक़
से
मिलते
दूर
तक
साथ
साथ
चलते
हैं
रात
भर
जो
कई
दफ़ा
जगते
बारहा
आँख
फिर
मसलते
हैं
बंदगी
शाम
रंग
से
हो
तो
हम
उसी
रंग
में
ही
ढलते
हैं
अस्ल
में
फ़ेहरिस्त
का
क्या
है
नाम
जब
रोज़
सब
बदलते
हैं
Read Full
Manohar Shimpi
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Jazbaat Shayari
Aazaadi Shayari
Maut Shayari
Dillagi Shayari
Tasawwur Shayari