hoti thii jab jab takraar yahaañ pe | होती थी जब जब टकरार यहाँ पे

  - Manish watan
होतीथीजबजबटकरारयहाँपे
तबभीमिलतेथेदोयारयहाँपे
पहलेचाहतमेंघरवरजलतेथे
अबजलतेहैबसकिरदारयहाँपे
इसख़ातिरभीग़मज़िंदारहताहै
अबमिटजाताहैयेप्यारयहाँपे
हमख़ुदशर्मिंदाहैदिलकोदेके
इतनाहोताहैव्यापारयहाँपे
येदौलतजितनाअंबरचूमेगी
उतनागिरनाहैसंसारयहाँपे
उनकाहीचाहतमेंकटताहैअब
हैंजोभीबनतेहुशियारयहाँपे
अबयारीकरनातोहदमेंरहकर
अबबिकजाताहैघरवारयहाँपे
  - Manish watan
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