hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Manas Ank
mujhko tum devta banaao mat
mujhko tum devta banaao mat | मुझको तुम देवता बनाओ मत
- Manas Ank
मुझको
तुम
देवता
बनाओ
मत
इंसाँ
की
खाल
में
ही
रहने
दो
- Manas Ank
Download Sher Image
तलब
करें
तो
ये
आँखें
भी
इन
को
दे
दूँ
मैं
मगर
ये
लोग
इन
आँखों
के
ख़्वाब
माँगते
हैं
Abbas rizvi
Send
Download Image
44 Likes
उसके
अच्छे
शे'र
नहीं
भाते
हमको
जो
अच्छा
इंसान
नहीं
बन
पाता
है
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
34 Likes
सारे
ग़म
भूल
गए
आपके
रोने
पे
मुझे
किसको
ठंडक
में
पसीने
का
ख़्याल
आता
है
आखरी
उम्र
में
जाते
है
मदीने
हम
लोग
मरने
लगते
है
तो
जीने
का
ख़याल
आता
है
Read Full
Nadir Ariz
Send
Download Image
41 Likes
इश्क़
क़ैस
फ़रहाद
रोमियो
जैसे
ही
कर
सकते
हैं
हम
तो
ठहरे
दस
से
छह
तक
ऑफ़िस
जाने
वाले
लोग
Vashu Pandey
Send
Download Image
29 Likes
सब
लोग
जिधर
वो
हैं
उधर
देख
रहे
हैं
हम
देखने
वालों
की
नज़र
देख
रहे
हैं
Dagh Dehlvi
Send
Download Image
55 Likes
बहुत
से
लोग
हैं
तस्वीर
में
अच्छे
बहुत
अच्छे
तेरे
चेहरे
पे
ही
मेरी
नज़र
हरदम
ठहरती
है
Umesh Maurya
Send
Download Image
1 Like
ज़िक्र
तबस्सुम
का
आते
ही
लगते
हैं
इतराने
लोग
और
ज़रा
सी
ठेस
लगी
तो
जा
पहुँचे
मयख़ाने
लोग
Ateeq Allahabadi
Send
Download Image
37 Likes
उसको
जो
कुछ
भी
कहूँ
अच्छा
बुरा
कुछ
न
करे
यार
मेरा
है
मगर
काम
मेरा
कुछ
न
करे
दूसरी
बार
भी
पड़
जाए
अगर
कुछ
करना
आदमी
पहली
मोहब्बत
के
सिवा
कुछ
न
करे
Read Full
Abid Malik
Send
Download Image
42 Likes
सब
की
हिम्मत
नहीं
ज़माने
में
लोग
डरते
हैं
मुस्कुराने
में
एक
लम्हा
भी
ख़र्च
होता
नहीं
मेरी
ख़ुशियों
को
आने
जाने
में
Read Full
Vishal Singh Tabish
Send
Download Image
57 Likes
अगर
हुकूमत
तुम्हारी
तस्वीर
छाप
दे
नोट
पर
मेरी
दोस्त
तो
देखना
तुम
कि
लोग
बिल्कुल
फ़ुज़ूल-ख़र्ची
नहीं
करेंगे
Rehman Faris
Send
Download Image
70 Likes
Read More
उसे
फिर
रोशनी
भाती
नहीं
है
जो
दुनिया
देखकर
अंधा
हुआ
है
Manas Ank
Send
Download Image
2 Likes
तो
मैं
क्यूँ
दूरबीन
लेता
फिर
जो
तू
आँखों
को
छीन
लेता
फिर
Manas Ank
Send
Download Image
0 Likes
इश्क़
के
सिलसिलों
में
गुज़री
है
दिल-लगी
हादसों
में
गुज़री
है
कह
रही
सिलवटें
ये
बिस्तर
की
रात
तो
करवटों
में
गुज़री
है
रोना
फिर
कितनी
मुश्किलों
का
है
उम्र
जब
क़हक़हों
में
गुज़री
है
अब
अकेला
रहूँगा
मैं
कैसे
ज़िंदगी
दोस्तों
में
गुज़री
है
Read Full
Manas Ank
Download Image
0 Likes
यहाँ
पर
वो
कितना
अकेला
हुआ
है
किसी
हाथ
का
जो
खिलौना
हुआ
है
जिसे
आप
दिल
में
बसाए
हुए
हो
वो
दिल
से
किसी
के
निकाला
हुआ
है
कि
बचपन
से
लड़के
के
नख़रे
उठाए
जवानी
में
लड़का
नकारा
हुआ
है
गुलाबों
को
देकर
हँसाता
रहा
मैं
अब
उसका
ही
कमरा
बग़ीचा
हुआ
है
जिसे
प्यार
के
ख़त
की
ख़ातिर
थे
लाए
वही
अब
शगुन
का
लिफ़ाफ़ा
हुआ
है
Read Full
Manas Ank
Download Image
1 Like
पिता
की
बात
अपने
मान
लो
तुम
नहीं
होगी
कभी
शादी
हमारी
Manas Ank
Send
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Nazar Shayari
Revenge Shayari
Dar Shayari
Aahat Shayari
Dushman Shayari