ham ko junoon kya sikhaate ho ham the pareshaan tum se ziyaada | हम को जुनूँ क्या सिखलाते हो हम थे परेशाँ तुम से ज़ियादा

  - Majrooh Sultanpuri
हमकोजुनूँक्यासिखलातेहोहमथेपरेशाँतुमसेज़ियादा
चाककिएहैंहमनेअज़ीज़ोचारगरेबाँतुमसेज़ियादा
चाक-ए-जिगरमोहताज-ए-रफ़ूहैआजतोदामनसर्फ़-ए-लहूहै
इकमौसमथाहमकोरहाहैशौक़-ए-बहाराँतुमसेज़ियादा
अहद-ए-वफ़ायारोंसेनिभाएँनाज़-ए-हरीफ़ाँहँसकेउठाएँ
जबहमेंअरमाँतुमसेसिवाथाअबहैंपशेमाँतुमसेज़ियादा
हमभीहमेशाक़त्लहुएऔरतुमनेभीदेखादूरसेलेकिन
येसमझनाहमकोहुआहैजानकानुक़साँतुमसेज़ियादा
जाओतुमअपनेबामकीख़ातिरसारीलवेंशम्ओंकीकतरलो
ज़ख़्मकेमेहर-ओ-माहसलामतजश्न-ए-चराग़ाँतुमसेज़ियादा
देखकेउलझनज़ुल्फ़-ए-दोताकीकैसेउलझपड़तेहैंहवासे
हमसेसीखोहमकोहैयारोफ़िक्र-ए-निगाराँतुमसेज़ियादा
ज़ंजीरदीवारहीदेखीतुमनेतो'मजरूह'मगरहम
कूचाकूचादेखरहेहैंआलम-ए-ज़िंदाँतुमसेज़ियादा
  - Majrooh Sultanpuri
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