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Kabir Altamash
mujhko jabse pyaar hua hai
mujhko jabse pyaar hua hai | मुझको जबसे प्यार हुआ है
- Kabir Altamash
मुझको
जबसे
प्यार
हुआ
है
जीना
भी
दुस्वार
हुआ
है
मुझको
प्यार
हुआ
तो
ये
लगा
मुझको
ये
बेकार
हुआ
है
इस
चक्कर
में
बस
मैं
ही
नहीं
ये
दिल
भी
बीमार
हुआ
है
- Kabir Altamash
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'असद'
ये
शर्त
नहीं
है
कोई
मुहब्बत
में
कि
जिस
सेे
प्यार
करो
उसकी
आरज़ू
भी
करो
Subhan Asad
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दीवार
है
दुनिया
इसे
राहों
से
हटा
दे
हर
रस्म-ए-मोहब्बत
को
मिटाने
के
लिए
आ
Hasrat Jaipuri
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कोई
तो
पूछे
मोहब्बत
के
इन
फ़रिश्तों
से
वफ़ा
का
शौक़
ये
बिस्तर
पे
क्यूँ
उतर
आया
Harsh saxena
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इश्क़
के
इज़हार
में
हर-चंद
रुस्वाई
तो
है
पर
करूँँ
क्या
अब
तबीअत
आप
पर
आई
तो
है
Akbar Allahabadi
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नई
नस्लें
समझ
पाएँ
मुहब्बत
के
मआनी
हमें
इस
वास्ते
भी
शा'इरी
करनी
पड़ेगी
Dipendra Singh 'Raaz'
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अदावत
मुहब्बत
रफ़ाक़त
नहीं
है
हमें
तुम
सेे
कोई
शिकायत
नहीं
है
दिलों
को
लगाने
लगे
हो
जहाँँ
तुम
वहाँ
तो
किसी
को
मुहब्बत
नहीं
है
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Tiwari Jitendra
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किसी
के
इश्क़
में
बर्बाद
होना
हमें
आया
नहीं
फ़रहाद
होना
Manish Shukla
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बहुत
आसान
है
कहना,
बुरा
क्या
है
भला
क्या
है
करोगे
इश्क़
तब
मालूम
होगा,
मसअला
क्या
है
Bhaskar Shukla
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ख़ुद-कुशी
जुर्म
भी
है
सब्र
की
तौहीन
भी
है
इस
लिए
इश्क़
में
मर
मर
के
जिया
जाता
है
Ibrat Siddiqui
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यूँँ
तो
रुस्वाई
ज़हर
है
लेकिन
इश्क़
में
जान
इसी
से
पड़ती
है
Fahmi Badayuni
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मेरे
पास
तुम्हारे
जैसी
बस
इक
तुम
हो
अच्छे
सब
हैं
सब
सेे
अच्छी
बस
इक
तुम
हो
कहने
को
दुनिया
में
सारे
हैं
अपने
ही
लेकिन
सच
पूछो
तो
अपनी
बस
इक
तुम
हो
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Kabir Altamash
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इंसान
से
ज़ियादा
कोई
हैवान
नहीं
है
अब
तो
इंसानों
में
ही
इंसान
नहीं
है
रेप
किया
था
कल
जिसने
कोई
लड़की
का
वो
दरिंदा
है
,
हिन्दू
या
मुसलमान
नहीं
है
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Kabir Altamash
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कहाँ
पे
था
कहाँ
मैं
आ
गया
देखो
जहाँ
भी
हो
मुझे
अब
टूटता
देखो
उसे
मालूम
कैसे
होगा
मेरा
दुख
किसी
के
दुख
में
है
वो
मुब्तिला
देखो
मुझे
अब
आइना
जो
तुम
दिखाते
हो
कभी
तुम
भी
ज़रा
सा
आइना
देखो
उसे
तो
चाहता
था
मैं,
मगर
उसने
न
जाने
क्यूँँ,
मिरा
ऐसा
किया
देखो
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Kabir Altamash
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मेरी
हालत
पर
तरस
तो
खाइए
रब
हाँ
मुझे
जाना
है
हाँ
ले
जाइए
रब
आप
मुझ
सेे
वा'दा
कीजे
ख़ुश
रखेंगे
ख़ुश
रखेंगे
तो
क़सम
भी
खाइए
रब
सब
मुझे
क्यूँ
ख़ुद-कुशी
का
कह
रहे
हैं
अपने
बंदो
को
ज़रा
समझाइए
रब
चाहते
हैं
आप
मुझको
देखना
ख़ुश
तो
उसी
से
मुझको
फिर
मिलवाइए
रब
हौसला
रख
आपने
ही
ये
कहा
था
और
कब
तक
मैं
रखूँ
बतलाइए
रब
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Kabir Altamash
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ऐ
मेरे
रोने
पर
रोने
वाले
हम
अब
हैं
बस
तेरे
होने
वाले
यार
बहुत
रोएंगे
अब
हम
दोनों
इक
दूजे
को
हैं
हम
खोने
वाले
के
नींद
तुझे
कैसे
आ
जाती
है
ऐ
मेरे
बिस्तर
पर
सोने
वाले
इक
दिन
तुम
भी
बहुत
रोओगे,
समझे
मेरी
इन
आँखों
को
भिगोने
वाले
पहले
अपने
दिल
को
साफ
करो
तुम
बीस
दफा
चेहरे
को
धोने
वाले
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Kabir Altamash
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