जानताहूँयेतिरेनक़्श-ए-कफ़-ए-पानहींहै
इसलिएचुपहूँकितूमेराअसासानहींहै
हमहैंमिट्टीकीतरहइसमेंहीमिलजाएँगे
अबतलकजोहैकमायावोभीअपनानहींहै
पुतलियाँहीहैंबनाईहुईउसरबकीहम
कोईमंदिरकोईमस्जिदकोईगिरजानहींहै
वक़्तकेसाथबदलजाताहैसबकुछलेकिन
गाँवकाएकमकाँआजभीबदलानहींहै
मैंनेपहलेहीकहाथाकिमोहब्बतकेबाद
दिलतोक्याचीज़हैइंसानभीबचतानहींहै