मैंनेतिरेहवालेसबकुछहीकरदियाहै
तूनेमुझेमगरबसज़ख़्म-ए-जिगरदियाहै
फैलाकेहाथउससेकुछमाँगतानहींहूँ
रखलेताहूँख़ुशीसेजोभीहुनरदियाहै
वोकाँपनेलगाथाबारिशमेंभीगकरजब
तस्वीरखेंचउसकीतबजाकेघरदियाहै
मुश्किलबड़ाहैअबतोफ़ुर्क़तमेंउसकीजीना
यादोंनेरोज़मुझकोदर्द-ए-जिगरदियाहै
इकमैंहूँतेरीख़ातिरसबकुछलुटाचुकाहूँ
तूनेतोप्यारमुझकोबालिश्त-भरदियाहै
तुझकोनहींमुहब्बतफिरहक़नहींहैबनता
क्यासोचदर्दतूनेता-बा-जिगरदियाहै
ये‘हर्ष’नेग़ज़लभीसीखी‘अमान’सेहै
जोभीकहाहैउसनेमैंनेवोकरदियाहै