pahle to ham ko bhi aate the mohabbat ke KHvaab | पहले तो हम को भी आते थे मोहब्बत के ख़्वाब

  - Harsh Kumar Bhatnagar
पहलेतोहमकोभीआतेथेमोहब्बतकेख़्वाब
अबसतातेहैंशब-ओ-रोज़येहिजरतकेख़्वाब
मैंकोईबातकभीकहनेसेडरतानहींथा
जबतलकआएनहींथेमुझेग़ुर्बतकेख़्वाब
अबतलकरेलकाडरदिलमेंबसाहैमेरे
सालभरपहलेमुझेआएथेसरवतकेख़्वाब
क्याकरूँँगामैंहिरासतकेनिकलकरयारब
मरचुकेहैंमिरीआँखोंमेंज़मानतकेख़्वाब
  - Harsh Kumar Bhatnagar
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