main teraa ishq likkhoon ya likhoon anjaam matle men | मैं तेरा इश्क़ लिक्खूँ या लिखूँ अंजाम मतले में

  - Harsh Kumar Bhatnagar
मैंतेराइश्क़लिक्खूँयालिखूँअंजाममतलेमें
वोपहलावस्ललिक्खूँयाअधूरीशाममतलेमें
मैंअपनेवसवसोंकेबारेक्यालिखताग़ज़लमेंदोस्त
मुझेडरथाकिहोजाऊँगामैंनाकाममतलेमें
तिरीहिजरतकेशे'रोंनेबचायाहैमुझेवर्ना
मैंअपनेसरहीलेबैठाथाइकइल्ज़ाममतलेमें
ख़बरहोतीअगरसबकोतूकितनीख़ूब-सूरतहै
कोईकरतानहींतुझकोकभीबद-नाममतलेमें
ग़ज़लकीशक्लमेंउसकाहसींचेहराबनाताहूँ
कभीभीलेनहींपातामैंउसकानाममतलेमें
बड़ामुश्किलहैमतलेमेंहीमहफ़िललूटनायारब
सिवाएइश्क़केभीहोताहैकोहराममतलेमें
हैपहियाज़िंदगीकासिर्फ़उसकेहाथमेंतेरा
मुकम्मलचाहताहैसबतोलिखश्रीराममतलेमें
  - Harsh Kumar Bhatnagar
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