har shahar ladne marne ka daur chal raha hai | हर शहर लड़ने मरने का दौर चल रहा है

  - Harsh Kumar Bhatnagar
हरशहरलड़नेमरनेकादौरचलरहाहै
मेरीभीजेबसेअबख़ंजरनिकलरहाहै
अफ़सुर्दगीभीचेहरेपरइसलिएहैमेरे
अबरीलपरतोसिक्कारोनेसेचलरहाहै
तूभागनेलगाहैक्यूँऐबदेखमेरे
उसपानवालेकाइससेकामचलरहाहै
शादीकीबातछेड़ीहैजबसेतूनेघरपे
येसारेआशिक़ोंकादिलतबसेजलरहाहै
जबतूथामैंसमयसेघरआयाकरताथाअब
तेराहोनामेरेघरकोभीखलरहाहै
ख़ुदकीकहानीमैंनेअबतकनहींसुनाई
मेरातोकामतेरेक़िस्सोंसेचलरहाहै
ये'हर्ष'इसलिएभीहँसकरनहींदिखाता
जबसाराकामहीअबरोनेसेचलरहाहै
  - Harsh Kumar Bhatnagar
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