jab bhi aata hai madaari ye tamasha le kar | जब भी आता है मदारी ये तमाशा ले कर

  - Harsh Kumar Bhatnagar
जबभीआताहैमदारीयेतमाशालेकर
लोगभीदौड़ेचलेआतेहैंसिक्कालेकर
रास्तोंपरतोमुसाफ़िरकेसिवाकोईनहीं
चलतुझेढूँडतेहैंअबकोईनक़्शालेकर
आजतकमैंनेकभीचाँदसेबातेंनहींकी
रोज़घरआतावगरनाकोईमिसरालेकर
सुर्ख़गालोंपेज़राअश्कबहालेजानाँ
कबतलकयूँँहीचलेगातूदिलासालेकर
अबयहीठीकहैदिलतोड़देतूधोखेसे
मैंभीजीलूँगाकोईख़्वाबअधूरालेकर
जबसेनिकलाहूँतिरेहिज्रकेसाएसेमैं
रोज़आताहूँमदीनेमेंमुसल्लालेकर
मेरीऔक़ातदिखादेतीहैसहराकीतपिश
जबनिकलपड़ताहूँमैंआँखमेंसपनालेकर
सींचनाहोगातुम्हेंख़ुदहीज़मीनोंको'हर्ष'
कोईआएगानहींअबकिमुदावालेकर
  - Harsh Kumar Bhatnagar
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