सारेअफ़्क़ार-ओ-अक़ाएदकेतिलिस्म
सारेअसनाम-ए-ख़याल
हमनेवोबुत-शिकनीकीहैकिमिस्मारहैंसब
अपनेघरबारकीमहफ़ूज़फ़सीलेंहमने
यूँँगिराईहैंकिअब
दूर-ओ-नज़दीककीहरतुंदहवा
सबचराग़ोंकोबसइकफूँकमेंगुलकरजाए
हमकिहरसिलसिला-ओ-क़ैदकीज़ंजीरसेआज़ादहुए
ऐसेमज्लिसकेमकींहैंकिजहाँ
कोईदरवाज़ाकोईरौज़न-ए-दीवारनहीं
याख़ुदा
कोईग़मऐसाकिहरग़मकोसुबुकसारकरे
कोईआगऐसीकिहरआगकोख़ाशाककरे
कोईमफ़्हूमकोईनक़्श-ए-तमन्नाकिजिसे
अपनेदिल-ओ-जाँकालहूनज़्रकरूँँ
सुर्ख़-रूहोकेकहूँ
ज़ीस्तकीयेमोहलतदो-एकनफ़स
इतनीबे-रंगनथी
इतनीफ़रोमायानथी