insaan banta jaata hai haiwaan aaj-kal | इंसान बनता जाता है हैवान आज-कल

  - Mahboob Mashshar
इंसानबनताजाताहैहैवानआज-कल
पोशीदाजिसकेदिलमेंहैशैतानआज-कल
लाताहैशौक़सेवोमुसीबतख़रीदके
करताहैअपनीमौतकासामानआज-कल
दहशतकेसाएमेंवोबुझाताहैअपनीप्यास
करकरकेक़त्ललेताहैवोजानआज-कल
उठतीहैअबसमाजसेतफ़रीक़-ए-रंग-ओ-बू
उड़तेहैंआसमानपेदहक़ानआज-कल
येदौरचलरहाहैमोबाइलकाइसतरह
मर्दोंसेबातहोगईआसानआज-कल
  - Mahboob Mashshar
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