ab dimaagh-o-dil men vo quwwat nahin vo dil nahin | अब दिमाग़-ओ-दिल में वो क़ुव्वत नहीं वो दिल नहीं

  - Maharaj Sir Kishan Parashad Shad
अबदिमाग़-ओ-दिलमेंवोक़ुव्वतनहींवोदिलनहीं
'शाद'अबअशआ'रमेरेदर-ख़ुर-ए-महफ़िलनहीं
तूमिरेअश्क-ए-नदामतकीहक़ीक़तकुछपूछ
उसकाहरक़तरावोदरियाहैजहाँसाहिलनहीं
घरख़ुदाकाथामगरबुतइसमेंकरबसगए
अबमुरक़्क़ा'हैहसीनोंकाहमारादिलनहीं
नुक्ता-चींहोमेरीरिंदानारविशपरक्यूँँकोई
मैंकोईज़ाहिदनहींवाइज़नहींआक़िलनहीं
पर्दा-दारीकरतीहैदर-पर्दालैलाइश्क़की
जज़्बा-ए-दिलक़ैसकाहैपर्दा-ए-महमिलनहीं
इंक़लाब-ए-दहरसउल्टाज़मानेकावरक़
अहल-ए-महफ़िलवोनहींवोरौनक़-ए-महफ़िलनहीं
हिन्दमेंचलनेलगीहैअबहवा-ए-इंक़लाब
'शाद'सचहैयेजगहरहनेकेअबक़ाबिलनहीं
साग़र-ए-मयपेशकरकेशैख़कहलाताहूँमैं
हदिया-ए-अहक़रहैयेगोआपकेक़ाबिलनहीं
हक़मेंअब'आशिक़केदेखेंफ़ैसलाहोताहैक्याइश्क़कादा'वाहुज़ूर-ए-हुस्नतोबातिलनहीं
  - Maharaj Sir Kishan Parashad Shad
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