tire firaq ke qisse tire visaal ke dukh | तिरे फ़िराक़ के क़िस्से तिरे विसाल के दुख

  - M. Usman Shakir
तिरेफ़िराक़केक़िस्सेतिरेविसालकेदुख
भुलापाएहमअबतकवोमाह-ओ-सालकेदुख
तिरेबग़ैरहमेंज़िंदगीसेक्यालेना
यहीबहुतहैजोकटजाएँतुझकमालकेदुख
हव्वाकीबेटीहुईक़त्लभाईकेहाथों
कोईसमझेगाहीरोंकेमाहीवालकेदुख
वोबचपनावोमोहब्बतभुलाएकबहमने
वोसूखेफूलतिरेख़तऔरउसरूमालकेदुख
रहेहैंआजतलकयेमिरेतआ'क़ुबमें
तेरेउरूजकीबातेंमेरेज़वालकेदुख
तुम्हारीज़ीस्तमें'शाकिर'कमीरहेगीसदा
कभीबिदेसकेधक्केकभीनिहालकेदुख
  - M. Usman Shakir
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