hijr ke daur men haalaat badal jaate hain | हिज्र के दौर में हालात बदल जाते हैं

  - M. Usman Shakir
हिज्रकेदौरमेंहालातबदलजातेहैं
फूलमरजातेहैंसबपातबदलजातेहैं
तूनेदेखाहैकभीदर्दकेसहराओंमें
धूपबढ़नेलगेतबसाथबदलजातेहैं
हमपेवोवक़्तहैअबचाहेख़ुशीआएकिग़म
आँखनमहोतीहैजज़्बातबदलजातेहैं
मैंनेलोगोंकोभीमौसमकामुक़ल्लिदपाया
बातहोतीहीनहींहाथबदलजातेहैं
तुमअभीआएहोतुमबाँटलोचाहतकेवरक़
वक़्तकेसाथख़यालातबदलजातेहैं
पहलेथाभूककाडरअबहैरिदाख़तरेमें
क्याख़बरथीहमेंख़तरातबदलजातेहैं
येतोफ़ितरतहैबुराइनकोकहना'शाकिर'
तूनेदेखानहींदिनरातबदलजातेहैं
  - M. Usman Shakir
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