hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Lokesh Singh
paas rakh sambhaal kar mere adoo is teer ko
paas rakh sambhaal kar mere adoo is teer ko | पास रख संभाल कर मेरे अदू इस तीर को
- Lokesh Singh
पास
रख
संभाल
कर
मेरे
अदू
इस
तीर
को
रख
लिया
है
बाँध
कर
मैंने
बदन
से
पीर
को
- Lokesh Singh
Download Sher Image
तुम्हारी
याद
के
जब
ज़ख़्म
भरने
लगते
हैं
किसी
बहाने
तुम्हें
याद
करने
लगते
हैं
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
36 Likes
कम
अज़
कम
इक
ज़माना
चाहता
हूँ
कि
तुम
को
भूल
जाना
चाहता
हूँ
ख़ुदारा
मुझ
को
तन्हा
छोड़
दीजे
मैं
खुल
कर
मुस्कुराना
चाहता
हूँ
सरासर
आप
हूँ
मद्दे
मुक़ाबिल
ख़ुदी
ख़ुद
को
हराना
चाहता
हूँ
मेरे
हक़
में
उरूस-ए-शब
है
मक़्तल
सो
उस
से
लब
मिलाना
चाहता
हूँ
ये
आलम
है,
कि
अपने
ही
लहू
में
सरासर
डूब
जाना
चाहता
हूँ
सुना
है
तोड़ते
हो
दिल
सभों
का
सो
तुम
से
दिल
लगाना
चाहता
हूँ
उसी
बज़्म-ए-तरब
की
आरज़ू
है
वही
मंज़र
पुराना
चाहता
हूँ
नज़र
से
तीर
फैंको
हो,
सो
मैं
भी
जिगर
पर
तीर
खाना
चाहता
हूँ
चराग़ों
को
पयाम-ए-ख़ामुशी
दे
तेरे
नज़दीक
आना
चाहता
हूँ
Read Full
Kazim Rizvi
Send
Download Image
6 Likes
ठीक
से
ज़ख़्म
का
अंदाज़ा
किया
ही
किसने
बस
सुना
था
कि
बिछड़ते
हैं
तो
मर
जाते
हैं
Shariq Kaifi
Send
Download Image
43 Likes
देखा
जो
खा
के
तीर
कमीं-गाह
की
तरफ़
अपने
ही
दोस्तों
से
मुलाक़ात
हो
गई
Hafeez Jalandhari
Send
Download Image
18 Likes
गीत
लिक्खे
भी
तो
ऐसे
के
सुनाएँ
न
गए
ज़ख़्म
यूँँ
लफ़्ज़ों
में
उतरे
के
दिखाएँ
न
गए
आज
तक
रक्खे
हैं
पछतावे
की
अलमारी
में
एक
दो
वादे
जो
दोनों
से
निभाएँ
न
गए
Read Full
Farhat Abbas Shah
Send
Download Image
62 Likes
हर
एक
सितम
पे
दाद
दी
हर
ज़ख़्म
पे
दु'आ
हमने
भी
दुश्मनों
को
सताया
बहुत
दिनों
Nawaz Deobandi
Send
Download Image
38 Likes
पुरानी
चाहत
के
ज़ख़्म
अब
तक
भरे
नहीं
हैं
और
एक
लड़की
पड़ी
है
पीछे
बड़े
जतन
से
Ashu Mishra
Send
Download Image
38 Likes
सहर
की
आस
लगाए
हुए
हैं
वो
कि
जिन्हें
कमान-ए-शब
से
चले
तीर
की
ख़बर
भी
नहीं
Abhishek shukla
Send
Download Image
13 Likes
एक
नज़र
देखते
तो
जाओ
मुझे
कब
कहा
है
गले
लगाओ
मुझे
तुमको
नुस्खा
भी
लिख
के
दे
दूँगा
ज़ख़्म
तो
ठीक
से
दिखाओ
मुझे
Read Full
Zia Mazkoor
Send
Download Image
92 Likes
इक
परिंदा
अभी
उड़ान
में
है
तीर
हर
शख़्स
की
कमान
में
है
Ameer Qazalbash
Send
Download Image
22 Likes
Read More
बसर
होगी
भला
दुनिया
में
कैसे
बदन
से
ही
फ़क़ीरी
जा
रही
है
Lokesh Singh
Send
Download Image
0 Likes
बढ़ता
रहा
बदन
में
मिरे
शोर
ज़ख़्म
का
मुझ
सेे
बदन
का
बच्चा
सँभाला
नहीं
गया
Lokesh Singh
Send
Download Image
0 Likes
दिल
में
छुपी
जो
रह
गई
थी
बात
अभी
तक
करती
रही
अंदर
मिरे
बरसात
अभी
तक
Lokesh Singh
Send
Download Image
0 Likes
किसी
ने
छुआ
था
मुझे
ख़ाब
में
कल
उसी
इक
छुअन
से
पिघलने
लगे
है
Lokesh Singh
Send
Download Image
0 Likes
चूम
कर
ख़त्म
कर
दे
दर्द
मिरा
काम
क्या
लूँ
दवा
दु'आ
से
मैं
Lokesh Singh
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Nasha Shayari
Parinda Shayari
Depression Shayari
Chehra Shayari
Dar Shayari