jahaan-e-rang-o-boo par chha raha hai | जहान-ए-रंग-ओ-बू पर छा रहा है

  - Laxmi Narayan Farigh
जहान-ए-रंग-ओ-बूपरछारहाहै
हरइकपर्देसेवोजल्वा-नुमाहै
बशरठोकरपेठोकरखारहाहै
सज़ाअपनेकिएकीपारहाहै
तमन्नाऔरफिरउनकीतमन्ना
येइरफ़ान-ए-ख़ुदीकीइंतिहाहै
बुतोंकोदेखकरआताहैतूयाद
बुतोंकेहुस्नमेंजल्वातिराहै
कहींतूहैकहींतस्वीरतेरी
का'बाहैकोईबुत-कदाहै
तुम्हारीयादकरलेताहूँताज़ा
बुतोंकोकौनकाफ़िरपूजताहै
नहींचाराकिसीकेपासइसका
मोहब्बतएकदर्द-ए-ला-दवाहै
शराब-ए-ज़ीस्तपीताजारहाहूँ
सुरूर-ए-होशबढ़ताजारहाहै
जिगरमेंचुभरहीहैनोक-ए-मिज़्गाँ
बलाकादर्द'फ़ारिग़'होरहाहै
  - Laxmi Narayan Farigh
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