aa ke mehfil men tiri gham se kinaara na hua | आ के महफ़िल में तिरी ग़म से किनारा न हुआ

  - Lateef Nazi
केमहफ़िलमेंतिरीग़मसेकिनाराहुआ
मुझसादुनियामेंकोईदर्दकामाराहुआ
आख़िरअश्कोंनेहीसबहाल-ए-दिल-ए-ज़ारकहा
कुछज़बाँसेमिरीइज़हारकायाराहुआ
येकहाथाकिमिरेघरमेंवोआएँयकदिन
गएतैशमेंशायदयेगवाराहुआ
किसतरहमेरेमुक़द्दरकासिताराचमके
उनकीजानिबसेकोईऐसाइशाराहुआ
डरसेतौहीन-ए-मोहब्बतकेमैंख़ामोशरहा
नामफिरलेकेपुकारूँयेगवाराहुआ
दर्द-ओ-ग़मजौर-ओ-सितमआह-ओ-फ़ुग़ाँरंज-ओ-मलाल
येतोसबमिलगए'नाज़ी'वोहमाराहुआ
  - Lateef Nazi
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