kisi gumaan kisi imkaan ka rukh nahin karti | किसी गुमाँ किसी इम्काँ का रुख़ नहीं करती

  - Lais Quraishi
किसीगुमाँकिसीइम्काँकारुख़नहींकरती
निगाहजल्वा-ए-अर्ज़ांकारुख़नहींकरती
बसीहुईहैजोआबादियोंमेंबर्बादी
जुनूँकीमौजबयाबाँकारुख़नहींकरती
सबाकोफ़स्ल-ए-बहाराँसेक्यामिलाआख़िर
वोगुलखिलेकिगुलिस्ताँकारुख़नहींकरती
हिसार-ए-वक़्तमेंअपनावजूदहैमहबूस
असीरीअबरह-ए-ज़िंदाँकारुख़नहींकरती
मिरेअज़ीज़ोंमेंरुस्वामिरीरिफ़ाक़तहै
जभीयेहल्क़ा-ए-याराँकारुख़नहींकरती
फ़ज़ातोनूर-ए-सदाक़तसेजगमगातीहै
येरौशनीदिलइंसाँकारुख़नहींकरती
वोकुछनहींकोईफ़र्सूदासीरिवायतहै
वोफ़िक्रजोनएउनवाँकारुख़नहींकरती
हवाभीकितनीज़माना-शनासहै'लैस'
हरएकसेहन-ए-गुलिस्ताँकारुख़नहींकरती
  - Lais Quraishi
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