doston ne ye gul khilaaya tha | दोस्तों ने ये गुल खिलाया था

  - Laiq Akbar sahaab
दोस्तोंनेयेगुलखिलायाथा
हाथदुश्मनसेजामिलायाथा
आस्तीनोंमेंसाँपपालेथे
दूधख़ुदहीउन्हेंपिलायाथा
ज़ख़्मकारीबहुतलगादिलपर
तीरअपनोंनेइकचलायाथा
बर्क़माँगीनहींफ़लकतुझसे
हमनेख़िर्मनकोख़ुदजलायाथा
दिलकोज़ख़्मोंसेचूरहोनाथाइश्क़कीराहपरचलायाथा
पूछतेहोधुआँहैंक्यूँँआँखें
जाँकीबस्तीमेंदिलजलायाथा
मैंतोभूलानहीं'सहाब'उसको
उसनेकैसेमुझेभुलायाथा
  - Laiq Akbar sahaab
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