kya ho ki meri zindagi se tu nikal sake | क्या हो कि मेरी ज़िंदगी से तू निकल सके

  - Kushal Dauneria
क्याहोकिमेरीज़िंदगीसेतूनिकलसके
जिससेकिमेरेदर्दकापहलूनिकलसके
दरकारइसलिएहैमुझेदूसराबदन
उसकीदिल-ओ-दिमाग़सेख़ुशबूनिकलसके
सबअपनीअपनीलाशोंकोमंदिरमेंलेचलो
शायदख़ुदाकीआँखसेआँसूनिकलसके
गहरीहुईंजड़ेंतोयेशाख़ेंहरीहुईं
पावँजमेंतोपेड़केबाज़ूनिकलसके
मैंउसकेबा'दसिर्फ़इन्हींकोशिशोंमेंहूँ
गर्दनसेउसकेनामकाटैटूनिकलसके
अपनीहथेलियोंमेंयेआँखेंनिचोड़लूँ
मुमकिनहैतेरेहिज्रसेचुल्लूनिकलसके
मैंचाहताहूँरातमेंसूरज-मुखीखिले
मैंचाहताहूँदिनमेंभीजुगनूनिकलसके
  - Kushal Dauneria
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