yaqeen | "यक़ीन"

  - kumar rahul
"यक़ीन"
किसीग़ज़ालेकी
सिसकियोंमेंज़ब्तसदाहै
दिनकेदरीचेपे
शबकीआँखें
इश्क़कीकिताबका
फटाहुआपन्नाहैकोई
दंगोंमेंदफ़्न
वस्लकीआरज़ू,
तालोंकीदुनियामें
अकेलीचाभी,
फ़रहादकेहाथोंका
तेशाहैयक़ीन
यक़ीन
कैपिटलिस्टमहबूबाकीबाहोंमें
एककम्युनिस्टकामरताहुआप्यारहै
  - kumar rahul
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