rozina | "रोज़ीना"

  - kumar rahul
"रोज़ीना"
जिनदिनों
नहींहोतेहमदोनों
एकदूजेकेदरमियान
जिनदिनों
नहींबुनतीतुमख़्वाब
इंतिज़ारकीसलाईपर
जिनदिनों
नहींसुनाईतुमने
शबभरकहानियाँ
जिनदिनों
नहींथीअफ़सोसकी
इतनीमज़ीदवजहें
जिनदिनों
ख़र्चहोतीरही
नाख़ुदाओंसेख़ुदातराशते
जिनदिनों
बंदरहीख़ुदमें
असरारकेमानिंद
जिनदिनों
लौटगईतुमघर
देरो-ज़ूदकीफ़िक्रसेपहले
उनउदास
बेहदउदासदिनोंमेंभीतुम
कैसेख़ुशरहीरोज़ीना
  - kumar rahul
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