mujhe afsos hai is zindagi se | मुझे अफ़सोस है इस ज़िंदगी से

  - Krishan Kumar Pandey
मुझेअफ़सोसहैइसज़िंदगीसे
मैंइसकोजीनहींपायाख़ुशीसे
दुबाराफिरवहीग़लतीहुईहै
हुआहैइश्क़मुझकोफिरकिसीसे
वोसबकुछजानतीहैऔरफिरभी
लगाबैठीहैअपनादिलमुझीसे
मैंसहरासेअलगतोहोगयाहूँ
मेरीबनतीनहींलेकिननदीसे
मुझेउतनीहीआसानीहुईहै
मैंजितनाभीहुआमुश्किलकिसीसे
वबाकेहाथमरनाहैमुझेभी
मैंबचतारहाहूँख़ुद-कुशीसे
मेराझगड़ातोअबहोगाख़ुदास
परेशाँहूँमैंउसकीबेख़ुदीसे
  - Krishan Kumar Pandey
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy