बग़ैरजिसकेयेदिलख़फ़ाहैयेज़िंदगानीसड़ीहुईहै
पतानहींक्यूँवोगुल-बदनहीयूँँबे-मुरव्वतलड़ीहुईहै
मेरेहीबिस्तरपेमैंनहींहूँकहाँगयावोज़हीनलड़का
येदिलउधरक्यूँधड़करहाहैयेलाशकिसकीपड़ीहुईहै
जहाँजहाँसेजलाहुआहूँवहाँवहाँसेछुआथाउसने
किसीदवाकाअसरनहींहैयेकैसीमुश्किलखड़ीहुईहै
येकैसारिश्तायेकैसीबातेंयेकैसेचक्करचलारहेहो
यूँँपासहोकरभीदूरतुमहोतुम्हेंयेकिसकीपड़ीहुईहै
सुजानगढ़थावोशहरजिससेजुड़ीहुईहैंहज़ारयादें
वहाँकीयादोंमेंसाँसलेकरयेज़िदगानीबड़ीहुईहै