zamaane ne hamko diya bhi to kya hai | ज़माने ने हमको दिया भी तो क्या है

  - Krish Gour 'Jazbaat'
ज़मानेनेहमकोदियाभीतोक्याहै
ज़रासीमुहब्बतऔरइतनीदग़ाहै
यहीज़ख़्मउसकीअमानतबचीहै
यहीज़ख़्मसीनेपेकाईभराहै
छुपाक्याहैनज़रोंमेंमेरीबताऊँ
वफ़ाहैवफ़ाहैवफ़ाहैवफ़ाहै
किताबोंनेपूछाथामुझकोकिसीदिन
तेराफ़ोनकाऐसाक्यामाजराहै
तुम्हारेहुनरकीलकीरेंकहाँहैं
मेरीमेहनतोंकादियाजलउठाहै
हराएसताएहुओंकीयेदुनिया
येदुनियानहींहैयेसर्कसलगाहै
  - Krish Gour 'Jazbaat'
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