aap jaise qaatilon ke sar ko neecha dekhkar | आप जैसे क़ातिलों के सर को नीचा देखकर

  - Krish Gour 'Jazbaat'
आपजैसेक़ातिलोंकेसरकोनीचादेखकर
ज़ुल्मभीख़ुशहोरहाहैयेसलीक़ादेखकर
पाँवपेमारेहोपत्थरजिसनेमेरेशानसे
उसकोअच्छाक्यूँलगेगामुझकोअच्छादेखकर
मुस्कुरादोमुस्कुरानेसेनहींहोगाबुरा
लोगभीबोलेंगेतुमसेेतुमकोज़िंदादेखकर
क्याकहाअबज़िंदगीकीवोरवानीखोगई
तूनेख़ुदकोबदलाहोगाउसकाशीशादेखकर
मुझकोलड़केपूछतेहैंक्यावोअबभीसाथहै
दूरियाँकरलीहैउसनेसस्तामहँगादेखकर
चोरीउसपेसीनाजोरीदुनियाकाहीरंगहै
आजसचमेंदिलदुखाहैतुझमेंदुनियादेखकर
  - Krish Gour 'Jazbaat'
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