आगही मौत से कम भी नहीं रुस्वा भी नहीं

  - Khwaja Shauq
आगहीमौतसेकमभीनहींरुस्वाभीनहीं
देखताहूँवोतमाशाजोतमाशाभीनहीं
जल्वामुश्ताक़भीहूँजल्वातक़ाज़ाभीनहीं
हुस्नमजरूह-ए-नज़रहोयेगवाराभीनहीं
ज़िंदगीहमकोबहुतदेरमेंरासआईहै
दर्दकमभीनहींइम्कान-ए-मुदावाभीनहीं
राहपाताहैज़मानामेरीगुमराहीसे
मंज़िलेंक्यामेरेआगेकोईरस्ताभीनहीं
बाज़वक़्तोंकेख़यालातभीक्याहोतेहैं
दूरतकजैसेमैंतन्हाभीहूँतन्हाभीनहीं
साबिक़ाऐसेसितमगरसेहैदिनरातअपना
या'नीक़ातिलभीनहींवोतोमसीहाभीनहीं
रौशनीमिलतीहैदुनियाकोउन्हींलोगोंसे
जिनकेहिस्सेमेंचराग़ोंकाउजालाभीनहीं
अपनेहीशहरमेंअबअपनेशनासाकमहैं
दश्त-ए-ग़ुर्बतमेंअजबक्याजोशनासाभीनहीं
हरतबाहीकासबबहैदिल-ए-मुज़्तरतन्हा
ग़महज़ारआफ़त-ए-जाँहैमगरइतनाभीनहीं
हक़रिफ़ाक़तकाअदाकरदियाशायदउसने
दिलगुलिस्ताँभीनहींदर्दकासहराभीनहीं
मशवरेदेतेहैंअहबाबमुझे'शौक़'ऐसे
जैसेअबतकमुझेअंदाज़ाख़ुदअपनाभीनहीं
  - Khwaja Shauq
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