roz dil men hasraton ko jalta bujhta dekh kar | रोज़ दिल में हसरतों को जलता बुझता देख कर

  - Khushbir Singh Shaad
रोज़दिलमेंहसरतोंकोजलताबुझतादेखकर
थकचुकाहूँज़िंदगीकायेरवैयादेखकर
रेज़ारेज़ाकरदियाजिसनेमिरेएहसासको
किसक़दरहैरानहैवोमुझकोयकजादेखकर
क्यायहीमहदूदपैकरहीहक़ीक़तहैमिरी
सोचताहूँदिनढलेअबअपनासायादेखकर
कुछतलबमेंभीइज़ाफ़ाकरतीहैंमहरूमियाँ
प्यासकाएहसासबढ़जाताहैसहरादेखकर
मेरेख़्वाबोंपरभीउसनेनामअपनालिखलिया
अबभीक्यूँँख़ामोशहूँमैंयेतमाशादेखकर
सचतोयेहैसबकोअपनीजानप्यारीहैयहाँ
उड़गएसारेपरिंदेपेड़कटतादेखकर
'शाद'जानेजीरहेहोकौनसीदुनियामेंतुम
दुनियादुनियाकररहेहोअबभीदुनियादेखकर
  - Khushbir Singh Shaad
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