ragon men zehar-e-khamooshi utarne se zaraa pahle | रगों में ज़हर-ए-ख़ामोशी उतरने से ज़रा पहले

  - Khushbir Singh Shaad
रगोंमेंज़हर-ए-ख़ामोशीउतरनेसेज़रापहले
बहुततड़पीकोईआवाज़मरनेसेज़रापहले
ज़रासीबातहैकबयादहोगीइनहवाओंको
मैंइकपैकरथाज़र्रोंमेंबिखरनेसेज़रापहले
मैंअश्कोंकीतरहइसदर्दकोभीज़ब्तकरलेता
मुझेआगाहतोकरताउभरनेसेज़रापहले
कोईसूरजसेयेपूछेकिक्यामहसूसहोताहै
बुलंदीसेनशेबोंमेंउतरनेसेज़रापहले
कहींतस्वीररुस्वाकरदेमेरेतसव्वुरको
मुसव्विरसोचमेंहैरंगभरनेसेज़रापहले
सुनाहैवक़्तकुछख़ुश-रंगलम्हेलेकेगुज़राहै
मुझेभी'शाद'करजातागुज़रनेसेज़रापहले
  - Khushbir Singh Shaad
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy