pee pee ke jagmagaae zamaane guzar ga.e | पी पी के जगमगाए ज़माने गुज़र गए

  - Khumar Barabankvi
पीपीकेजगमगाएज़मानेगुज़रगए
रातोंकोदिनबनाएज़मानेगुज़रगए
जान-ए-बहारफूलनहींआदमीहूँमैं
जाकिमुस्कुराएज़मानेगुज़रगए
क्यालाइक़-ए-सितमभीनहींअबमैंदोस्तो
पत्थरभीघरमेंआएज़मानेगुज़रगए
जानेवालेकितिरेइंतिज़ारमें
रस्तेकोघरबनाएज़मानेगुज़रगए
ग़महैअबख़ुशीहैउम्मीदहैयास
सबसेनजातपाएज़मानेगुज़रगए
मरनेसेवोडरेंजोब-क़ैद-ए-हयातहैं
मुझकोतोमौतआएज़मानेगुज़रगए
क्याक्यातवक़्क़ुआतथींआहोंसे'ख़ुमार'
येतीरभीचलाएज़मानेगुज़रगए
  - Khumar Barabankvi
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