main bataaun kya ki kitnii gahri hain aañkhen tumhaari | मैं बताऊँ क्या कि कितनी गहरी हैं आँखें तुम्हारी

  - Rovej sheikh
मैंबताऊँक्याकिकितनीगहरीहैंआँखेंतुम्हारी
हू-ब-हूलगतीसमुंदरजैसीहैंआँखेंतुम्हारी
येगुलाबीहोंठबिखरीज़ुल्फ़येरुख़सारपेतिल
औरफिरहाएक़यामतढातीहैंआँखेंतुम्हारी
कोईमुझजैसाहोयाफिरशाहयाकोईक़लंदर
सबकोदीवानाबनाकररखतीहैंआँखेंतुम्हारी
यारआख़िरतुमकोचेहराढकनेसेहैफाएदाक्या
क़त्ललोगोंकोकियातोकरतीहैंआँखेंतुम्हारी
  - Rovej sheikh
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