ishq ke har zaawiye ko aazmaana chahti hooñ | इश्क़ के हर ज़ाविये को आज़माना चाहती हूँ

  - Shayra kirti
इश्क़केहरज़ावियेकोआज़मानाचाहतीहूँ
उम्रभरलिखकरकेग़ज़लेंगुनगुनानाचाहतीहूँ
आँखसेउसकीहरइकमोतीचुरानाचाहतीहूँ
औरसभीमुस्कानपरउसकीसजानाचाहतीहूँ
वोमेरीख़ातिरयेदुनियाजीतलानाचाहताहै
औरमैंउसकेसदकेदुनियाहारजानाचाहतीहूँ
वोमेरेसबनाज़पलकोंपरउठानाजानताहै
मैंबलाएँउसकीअपनेसिरउठानाचाहतीहूँ
चाहताहैवोहमाराइश्क़दुनियायादरक्खे
मैंहमारेइश्क़मेंहरशयभुलानाचाहतीहूँ
उसकोमुझऐसीसयानीऔरभीमिलजाएँगीपर
मैंतोहरसूरतफ़क़तवोहीदिवानाचाहतीहूँ
छोड़सोलहसोमवारइसबारमैंचौसठरखूँगी
जन्मजन्मोंतकउसेअपनाबनानाचाहतीहूँ
  - Shayra kirti
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