aana-jaana roz lagaaye rakhta hai | आना-जाना रोज़ लगाए रखता है

  - Shayra kirti
आना-जानारोज़लगाएरखताहै
एकजगहपरकबवोबादलबरसाहै
कहतेहोशबहीक्यूँगिर्दभटकतेहो
तुमनेदिनमेंकौनसाजुगनूदेखाहै
एकइमरोज़तोपहलेसेहीहासिलथा
उसलड़कीनेसाहिरबादमेंढूँढाहै
अपनेअपनोंसेअपनाइकचुननाथा
सोअपनीशर्तोंपेअपनाखोयाहै
तुमभीअपनीबातसुनाकरजातेहो
ख़ैरकिसीनेकबहीमेरापूछाहै
कीर्तिकैसेजानबचेइसज़ालिमसे
ख़ुदहीघावलगाकरख़ुदहीरोताहै
  - Shayra kirti
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