तिफ़्लबनफिरसेचहकजाऊँगीमैं
बसवहीगुड़ियापुरानीचाहिए
मिट्टीकेचूल्हेपेपकतीरोटियाँ
औरमुश्क-ए-शादमानीचाहिए
फूल-तितली,पेड़पंछी,कोहसंग
बहतेदरियाकीरवानीचाहिए
गमलेमेंपौधेहीअबकाफ़ीनहीं
घरकेबाहररातरानीचाहिए
रिश्तोंकीफ़स्लेंखिलेंगी,बसउन्हें
प्यारकाहीखादपानीचाहिए
चाँदतारोंसेकरूँँबातें'प्रिया'
शह्रमेंशबयूँँसुहानीचाहिए