ghairon ko main akshar apna lagta hooñ | ग़ैरों को मैं अक्सर अपना लगता हूँ

  - Karan Sahar
ग़ैरोंकोमैंअक्सरअपनालगताहूँ
अपनोंकोक्यूँग़ैरोंजैसालगताहूँ
बादमेंजानेसबकोक्याहोजाताहै
कुछदिनतोमैंसबकोअच्छालगताहूँ
मुझकोचाँदसितारोंकीमहफ़िलसेक्या
मैंजुगनूकेसाथहीअच्छालगताहूँ
जबभीमुझसेेकोईमिलनेआताहै
तबमैंख़ुदकोऔरअकेलालगताहूँ
तेरीयादेंहाथछुड़ाकरभागीहैं
मैंक्यातुझकोभूलनेवालालगताहूँ
शामकोभीजबलौटनहींपाताहूँमैं
सारेघरकोसुब्हकाभूलालगताहूँ
  - Karan Sahar
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