समुंदरकीकुछबूंदोंसेबातकी
वोभीअपनेवजूदकोलेकरव्याकुलहैं
विशालसमुंदरमेंकहाकोईउनकीहैसुनता
जबकिउनसेहीसमुंदरहै
उनकेबिनासमुंदरबसमरुस्थलहै
बूँदेंदिन-रातप्रयत्नकरतीहैं
एकबूँददूसरेकोआगेढकेलकर
समुंदरकावजूदक़ाएमरखतीहैं
उनकोएहसासहैअपनेहोनेका
लेकिन
समुंदरहरबारइसबातकोभूलजाताहै
सोचोंअगरबूँदेंविद्रोहकरदें
बनाकरदोस्तसूरजको
ऊपरआकाशमेंबादलसेमिलजाएँ
होसकताहैदोस्तीधरासेकरलें
उसकेगर्तमेंसमाजाएँ
सूखजाएगासमुंदर
बूंदोंकावजूदतोहमेशाबनारहेगा
समुंदरकोअभिमानकिसबातका
क्यापता
क्याउसेनहींपता
किसनेकियाउसकावजूदक़ाएम
मिटजाएगाएकदिन
बसबूंदोंकोक़दमविद्रोहकाउठानाहै