ye deewane kabhi paabandiyo ka gham nahin lenge | ये दीवाने कभी पाबंदियों का ग़म नहीं लेंगे

  - Kaleem Aajiz
येदीवानेकभीपाबंदियोंकाग़मनहींलेंगे
गरेबाँचाकजबतककरलेंगेदमनहींलेंगे
लहूदेंगेतोलेंगेप्यारमोतीहमनहींलेंगे
हमेंफूलोंकेबदलेफूलदोशबनमनहींलेंगे
येग़मकिसनेदियाहैपूछमतहम-नशींहमसे
ज़मानालेरहाहैनामउसकाहमनहींलेंगे
मोहब्बतकरनेवालेभीअजबख़ुद्दारहोतेहैं
जिगरपरज़ख़्मलेंगेज़ख़्मपरमरहमनहींलेंगे
ग़म-ए-दिलहीकेमारोंकोग़म-ए-अय्यामभीदेदो
ग़मइतनालेनेवालेक्याअबइतनाग़मनहींलेंगे
सँवारेजारहेहैंहमउलझतीजातीहैंज़ुल्फ़ें
तुमअपनेज़िम्मालोअबयेबखेड़ाहमनहींलेंगे
शिकायतउनसेकरनागोमुसीबतमोललेनाहै
मगर'आजिज़'ग़ज़लहमबे-सुनाएदमनहींलेंगे
  - Kaleem Aajiz
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