shaane ka bahut khoon-e-jigar jaa.e hai pyaare | शाने का बहुत ख़ून-ए-जिगर जाए है प्यारे

  - Kaleem Aajiz
शानेकाबहुतख़ून-ए-जिगरजाएहैप्यारे
तबज़ुल्फ़कहींता-ब-कमरजाएहैप्यारे
जिसदिनकोईग़ममुझपेगुज़रजाएहैप्यारे
चेहरातिराउसरोज़निखरजाएहैप्यारे
इकघरभीसलामतनहींअबशहर-ए-वफ़ामें
तूआगलगानेकोकिधरजाएहैप्यारे
रहनेदेजफ़ाओंकीकड़ीधूपमेंमुझको
साएमेंतोहरशख़्सठहरजाएहैप्यारे
वोबातज़रासीजिसेकहतेहैंग़म-ए-दिल
समझानेमेंइकउम्रगुज़रजाएहैप्यारे
हर-चंदकोईनामनहींमेरीग़ज़लमें
तेरीहीतरफ़सबकीनज़रजाएप्यारे
  - Kaleem Aajiz
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