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"Nadeem khan' Kaavish"
ye khilwat hi legi meri jaan ik din
ye khilwat hi legi meri jaan ik din | ये ख़ल्वत ही लेगी मेरी जान इक दिन
- "Nadeem khan' Kaavish"
ये
ख़ल्वत
ही
लेगी
मेरी
जान
इक
दिन
अँधेरे
में
शम्मा
जलाओ
तो
कोई
- "Nadeem khan' Kaavish"
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मैंने
अपनी
ग़ज़लें
खारिज
कर
डाली
सोचो
मेरी
जान
तुम्हारा
क्या
होगा
Talib Toofani
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हल्की-हल्की
सी
हँसी,
साफ
इशारा
भी
नहीं
जान
भी
ले
गए
और,
जान
से
मारा
भी
नहीं
Sawan Shukla
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तुम्हें
हुस्न
पर
दस्तरस
है
मोहब्बत
वोहब्बत
बड़ा
जानते
हो
तो
फिर
ये
बताओ
कि
तुम
उस
की
आँखों
के
बारे
में
क्या
जानते
हो
ये
जुग़राफ़िया
फ़ल्सफ़ा
साईकॉलोजी
साइंस
रियाज़ी
वग़ैरा
ये
सब
जानना
भी
अहम
है
मगर
उस
के
घर
का
पता
जानते
हो
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Tehzeeb Hafi
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ज़्यादा
मीठा
हो
तो
चींटा
लग
जाता
है
सच्चे
इश्क़
को
अक्सर
बट्टा
लग
जाता
है
हमने
अपनी
जान
गंवाई
तब
जाना
भाव
मिले
तो
कुछ
भी
सट्टा
लग
जाता
है
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Ritesh Rajwada
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अपने
होटों
की
ये
तहरीर
रखो
अपने
पास
हम
वो
'आशिक़
हैं
जो
आँखों
को
पढ़ा
करते
हैं
Meem Alif Shaz
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इक
और
इश्क़
की
नहीं
फुर्सत
मुझे
सनम
और
हो
भी
अब
अगर
तो
मेरा
मन
नहीं
बचा
Afzal Ali Afzal
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मेरी
ही
जान
के
दुश्मन
हैं
नसीहत
वाले
मुझ
को
समझाते
हैं
उन
को
नहीं
समझाते
हैं
Lala Madhav Ram Jauhar
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ज़ब्त
का
ऐसे
इम्तिहान
न
ले
ऐ
मेरी
जान
मेरी
जान
न
ले
Khalid Sajjad
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ये
नहीं
है
कि
वो
एहसान
बहुत
करता
है
अपने
एहसान
का
एलान
बहुत
करता
है
आप
इस
बात
को
सच
ही
न
समझ
लीजिएगा
वो
मेरी
जान
मेरी
जान
बहुत
करता
है
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Jawwad Sheikh
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हम
जान
से
जाएँगे
तभी
बात
बनेगी
तुम
से
तो
कोई
राह
निकाली
नहीं
जाती
Wasi Shah
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बर्बाद
ख़ुद
से
ख़ुद
की
ही
ये
ज़िंदगी
हुई
फिर
उसके
बाद
मौत
पे
ही
शा'इरी
हुई
पहले-पहल
तो
इश्क़
में
ख़ुद
को
ख़ुशी
हुई
अंजाम-ए-इश्क़
ये
हुआ
फिर
ख़ुद
कुशी
हुई
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"Nadeem khan' Kaavish"
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नहीं
दी
है
किसी
को
भी
इजाज़त
दिल
में
रहने
की
रखा
औक़ात
में
सबको
वो
रहते
भी
वहीं
हैं
अब
"Nadeem khan' Kaavish"
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मेरी
आँखों
में
भी
हैं
तस्वीर
उसकी
जी
इसके
अलावा
निशानी
नहीं
है
"Nadeem khan' Kaavish"
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इसी
उम्मीद
पे
ज़िंदा
रहे
हम
कि
तुम
सेे
फिर
मिलेंगे
आसमाँ
में
"Nadeem khan' Kaavish"
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समुंदर
में
भी
वो
रवानी
नहीं
हैं
डूबो
दे
ये
इतना
भी
पानी
नहीं
है
"Nadeem khan' Kaavish"
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