hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
"Nadeem khan' Kaavish"
tumhaari yaad ne is ghar ka har manzar badal daala
tumhaari yaad ne is ghar ka har manzar badal daala | तुम्हारी याद ने इस घर का हर मंज़र बदल डाला
- "Nadeem khan' Kaavish"
तुम्हारी
याद
ने
इस
घर
का
हर
मंज़र
बदल
डाला
तुम्हारी
याद
में
फिर
मैंने
अपना
घर
बदल
डाला
- "Nadeem khan' Kaavish"
Download Sher Image
दिलों
को
तेरे
तबस्सुम
की
याद
यूँँ
आई
कि
जगमगा
उठें
जिस
तरह
मंदिरों
में
चराग़
Firaq Gorakhpuri
Send
Download Image
30 Likes
जाते
जाते
आप
इतना
काम
तो
कीजे
मिरा
याद
का
सारा
सर-ओ-सामाँ
जलाते
जाइए
Jaun Elia
Send
Download Image
42 Likes
तुम
उन
के
वा'दे
का
ज़िक्र
उन
से
क्यूँँ
करो
'ग़ालिब'
ये
क्या
कि
तुम
कहो
और
वो
कहें
कि
याद
नहीं
Mirza Ghalib
Send
Download Image
121 Likes
ख़ास
तो
कुछ
भी
नहीं
बदला
तुम्हारे
बाद
में
पहले
गुम
रहता
था
तुम
में,
अब
तुम्हारी
याद
में
मोल
हासिल
हो
गया
है
मुझको
इक-इक
शे'र
का
सब
दिलासे
दे
रहे
हैं
मुझको
"जस्सर"
दाद
में
Read Full
Avtar Singh Jasser
Send
Download Image
3 Likes
अब
तो
उन
की
याद
भी
आती
नहीं
कितनी
तन्हा
हो
गईं
तन्हाइयाँ
Firaq Gorakhpuri
Send
Download Image
30 Likes
याद
भी
आता
नहीं
कुछ
भूलता
भी
कुछ
नहीं
या
बहुत
मसरूफ़
हूँ
मैं
या
बहुत
फ़ुर्सत
में
हूँ
Bharat Bhushan Pant
Send
Download Image
62 Likes
चारों
ओर
हज़ारों
रावण
हर
रावण
के
सर
हैं
दस
लेकिन
याद
रहे
सब
कुछ
दो
चार
दिनों
का
खेल
है
बस
Nomaan Shauque
Send
Download Image
45 Likes
आप
की
याद
आती
रही
रात
भर
चश्म-ए-नम
मुस्कुराती
रही
रात
भर
Makhdoom Mohiuddin
Send
Download Image
32 Likes
अपना
बचपन
भूल
बैठा
हूँ
मगर
अब
भी
तेरा
रोल
नंबर
याद
है
Salman Zafar
Send
Download Image
41 Likes
ज़रा
सी
देर
आँखों
में
चली
जाए
तुम्हारी
याद
बहुत
दिन
हो
गए
दिल
का
मुझे
झाड़ू
लगाना
है
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
20 Likes
Read More
वज़ू
करके
छुआ
तुझको,
यूँंँ
पाकीज़ा
मुहब्बत
थी
तुम्हारे
बाद
तो
मैंने
हवस
को
ही
मिटाया
था
"Nadeem khan' Kaavish"
Send
Download Image
6 Likes
जहाँ
से
रेल
गुज़री
थी
वहीं
पर
तुझको
देखा
था
मगर
देखा
भी
तो
ऐसे
कि
जैसे
रेल
गुज़री
थी
"Nadeem khan' Kaavish"
Send
Download Image
4 Likes
बिखरा
पड़ा
था
दर्द
समेटा
न
जा
सका
मंज़र
उस
एक
शाम
का
देखा
न
जा
सका
क्या
फ़ाइदा
फिर
ऐसी
पढ़ाई
का
ऐ
'नदीम'
मय्यत
में
अपने
बाप
की
बेटा
न
जा
सका
Read Full
"Nadeem khan' Kaavish"
Send
Download Image
5 Likes
यार
अब
तो
काफ़ी
ज़्यादा
सज
गई
हो
फिर
भी
तुमको
हम
पुरानी
लिख
रहे
हैं
"Nadeem khan' Kaavish"
Send
Download Image
2 Likes
नहीं
दी
है
किसी
को
भी
इजाज़त
दिल
में
रहने
की
रखा
औक़ात
में
सबको
वो
रहते
भी
वहीं
हैं
अब
"Nadeem khan' Kaavish"
Send
Download Image
7 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Parinda Shayari
Saadgi Shayari
Masti Shayari
Taareef Shayari
Bekhabri Shayari